दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर 17.6 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में नेपा लिमिटेड के तत्कालीन चेयरमैन समेत चार नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ सेक्टर-39 थाने में केस दर्ज हुआ है। पैसे वापस मांगने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ करने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है। शिकायत में सेक्टर-44 निवासी आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि अगस्त 2024 में उनके परिचित संजय रघुवंशी एक व्यापारिक प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म मधु ट्रेडिंग एंड सर्विसेज को नेपा लिमिटेड से पेपर स्टक की बड़ी आपूर्ति का आदेश मिला है। इसे लाभकारी सौदा बताते हुए संजय ने शिकायतकर्ता से भी इसमें निवेश करने का आग्रह किया। प्रस्ताव को और अधिक प्रासंगिक और विश्वसनीय बनाने के लिए संजय ने फ्लाइट का एक टिकट बुक कराया ताकि शिकायतकर्ता की नेपा के चेयरमैन राकेश कुमार चौखानी से मुलाकात कराई जा सके। साथ ही मिल और फैक्ट्री का दौरा भी कराया जा सके। संजय ने नेपा चेयरमैन से शिकायतकर्ता की मुलाकात कराई। विश्वास में लेने के लिए एक साथ खिंचवाई फोटो
मिल का भ्रमण कराया और चेयरमैन के एक साथ तस्वीर भी खिंचवाई। संजय ने बताया कि राकेश चौखानी उनके पड़ोसी और परिचित हैं। जब से वे नेपा में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बने हैं, लगातार टेंडर दिलवाते आ रहे हैं। संजय ने यह भी बताया कि नेपा में राकेश का पूरा नियंत्रण है और वहां की नीतियां व निर्णय उनके अनुसार ही चलते हैं। इसके बाद आशुतोष झांसे में आए गए और संजय के कहे मुताबिक निवेश करना शुरू कर दिया। कुछ रकम उन्होंने बैंक खाते में ट्रांसफर की जबकि बाकी की रकम नकदी के रूप में दी। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करते रहे
इसके बाद संजय की ओर से मधु ट्रेडिंग एंड सर्विसेज नामक फर्म का एक कूटरचित परचेज ऑर्डर संबंधी दस्तावेज सौंपा गया। रकम ऐंठने के लिए संजय रघुवंशी शिकायतकर्ता को लगातार विश्वास दिलाते रहे की नेपा के चेयरमैन पूरी प्रक्रिया से सीधे जुड़े हुए हैं। जल्द ही टेंडर स्वीकृत होकर भुगतान होना प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान संजय शिकायतकर्ता के सामने बार-बार जाली एग्रीमेंट प्रस्तुत करते रहे। इसमें यह दर्शाया जाता रहा कि शिकायतकर्ता की पूंजी सुरक्षित है और लाभ निश्चित है। इसके अतिरिक्त संजय ने कोयला संबंधी टेंडर मिलने का भी झांसा शिकायतकर्ता को दिया। इस मामले में संजय रघुवंशी, राकेश कुमार चौखानी, मधु रघुवंशी और सिद्धार्थ रघुवंशी के खिलाफ कुल सात धाराओं में केस दर्ज हुआ है।