उन्नाव में गंगा को मिली बड़ी सौगात:5 MLD STP का ट्रायल रन शुरू, नदी के पानी का होगा शोधन, रुकेगा प्रदूषण

Jan 1, 2026 - 10:00
 0
उन्नाव में गंगा को मिली बड़ी सौगात:5 MLD STP का ट्रायल रन शुरू, नदी के पानी का होगा शोधन, रुकेगा प्रदूषण
उन्नाव जनपद को गंगा नदी के प्रदूषण से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। अहमद नगर क्षेत्र के मुन्नू बगिया में 5 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगभग पूरा हो चुका है और इसका ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना से गंगा में गिरने वाले प्रदूषित नालों के पानी को शोधित कर नदी को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि यह परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “नमामि गंगे” योजना के तहत संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत नगर पालिका परिषद गंगाघाट क्षेत्र के चार प्रमुख नाले – इंदिरा नगर, मनोहर नगर-1, मनोहर नगर-2 और रेलवे ब्रिज नाले – इस एसटीपी से जोड़े गए हैं। अब इन नालों से निकलने वाला घरेलू सीवेज बिना शोधन के सीधे गंगा में नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पूरी कार्ययोजना की कुल लागत 65.18 करोड़ रुपये है। इसमें से 27.83 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च हुए हैं, जबकि अगले 15 वर्षों के संचालन और अनुरक्षण के लिए 37.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंगलवार को सभी नालों के घरेलू सीवेज को पूरी तरह से टैप करने का कार्य पूरा होने के बाद प्लांट का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। यह ट्रायल अवधि लगभग तीन माह तक चलेगी, जिसमें प्लांट की कार्यक्षमता, तकनीकी संचालन और शोधन प्रक्रिया की गहन जांच की जाएगी। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि नगर पालिका क्षेत्र के सबसे बड़े नाले इंदिरा नगर ड्रेन का गंदा पानी अब सीधे गंगा नदी में जाना बंद हो गया है, जो लंबे समय से गंगा प्रदूषण का एक प्रमुख कारण था। एसटीपी के चालू होने से क्षेत्रीय नागरिकों को भी स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा। इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), उन्नाव के निर्देशन में मेसर्स कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। मार्च 2021 में शुरू हुई यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल सफल रहने के बाद प्लांट को पूर्ण क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस एसटीपी के संचालन से गंगा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और नमामि गंगे अभियान को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना आने वाले समय में अन्य नालों के शोधन के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम करेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0