मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर वृद्धा से 16 लाख रुपए की ठगी कर ली। थाने में सुनवाई नहीं हुई तो मामला एसएसपी डॉ. विपिन ताडा तक पहुंचा, जिन्होंने जांच के आदेश कर दिए। जांच में आरोप सही मिलने के बाद एसएसपी ने सिविल लाइन पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एक नजर डालते हैं पूरे मामले पर
सूरजकुंड क्षेत्र में रहने वाली राजकुमारी ने मेडिकल थाना क्षेत्र के शेरगढ़ी इलाके में एक प्लॉट देखा। यह प्लॉट राजकुमारी को आकाशदीप नाम के प्रॉपर्टी डीलर ने दिखाया था। बताया कि प्लॉट के मालिक दिल्ली निवासी शाहिद और यासीन हैं। किठौर निवासी फरीद भी इस डील में शामिल रहा। 16 लाख रुपए में प्लॉट का सौदा किया गया। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने राजकुमारी को एक फाइनेंस कंपनी से 11 लाख रुपए का लोन भी दिला दिया। प्लॉट के मलिक ने महिला को भगाया
1 जनवरी, 2022 को राजकुमारी ने इस प्लॉट की एवज में 16 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। कुछ दिन बाद राजकुमारी अपने परिवार के सदस्यों को लेकर जब प्लॉट पर पहुंची और वहां काम शुरू करने लगी।
इसी दौरान सोनू नाम का एक युवक अपने कुछ साथियों के साथ वहां आ गया। उसने कहा कि प्लॉट उसका है। शाहिद और यासीन का इस प्लाट से कोई लेना देना नहीं है। उसने राजकुमारी व परिवार को भगा दिया। राजकुमारी व उसके परिवार की सोनू से एक काफी नोकझोंक हुई लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। एसएसपी से की महिला ने मामले में शिकायत
राजकुमारी ने आकाशदीप से संपर्क किया लेकिन वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। उसके बाद महिला सीधे मेडिकल थाने आ गई और शिकायत की। थाना पुलिस ने भी मदद से हाथ खड़े कर दिए।
काफी समय तक आरोपी महिला को रुपए लौटाने की बात करते रहे लेकिन फिर बाद में इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने अफसरों से शिकायत की। एसएसपी ने सीओ सिविल लाइन से मामले की जांच कराई। सीओ की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने मुकदमें के आदेश कर दिए।