प्रयागराज जिले के नारीबारी-शंकरगढ़ मार्ग पर शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भगदेवा चौराहे के पास सड़क किनारे खड़ा एक डंफर अचानक आग की लपटों में घिर गया। रात करीब 1 बजे जब लोग सो रहे थे, तभी अचानक डंफर से धुआं और तेज आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते पूरा डंफर धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी तेज थी कि आसपास के मकानों और दुकानों तक रोशनी फैल गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। गणेश पूजन कार्यक्रम में जुटे युवाओं ने संभाली स्थिति
सौभाग्य से हादसे के वक्त चौराहे के पास ही गणेश प्रतिमा स्थापना का कार्यक्रम चल रहा था। गाँव के लोग पूजा और भजन-कीर्तन में शामिल थे। जैसे ही लोगों ने डंफर को जलते देखा, अफरा-तफरी मच गई, लेकिन युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी। गाँव के विभूति नारायण द्विवेदी ने फौरन फायर ब्रिगेड को सूचना दी। वहीं अन्य युवाओं ने पंडाल और आसपास के घरों में मौजूद लोगों को सतर्क किया और उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कई ग्रामीणों ने मिलकर पानी और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। दमकल टीम की तत्परता से बुझी आग
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची। दमकलकर्मी और ग्रामीणों ने मिलकर आग को बुझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। केवल डंफर ही जलकर राख हो गया। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डंफर में आग कैसे लगी। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या इंजन से तेल का रिसाव इसकी वजह हो सकता है। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने जताया आभार
गांव के लोगों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो पास में लगे गणेश पंडाल और आसपास के मकानों तक आग फैल सकती थी। इससे बड़ा नुकसान और जनहानि हो सकती थी। ग्रामीणों ने आग की सूचना देने वाले और मौके पर साहस दिखाने वाले युवाओं की खूब सराहना की। साथ ही, उन्होंने दमकल विभाग का भी आभार जताया कि उनकी तत्परता से आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया