मिर्जापुर के बथुआ तिराहा (शीतला माता मंदिर) पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने स्थायी समाधान लागू किया है। 2 जनवरी 2026 से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक यातायात डायवर्जन और एकल दिशा मार्ग व्यवस्था प्रभावी रहेगी। यातायात पुलिस ने 24 से 26 दिसंबर 2025 के बीच बथुआ तिराहा पर यातायात प्रवाह का गहन अध्ययन किया था। इस दौरान अस्थायी डायवर्जन और वन-वे व्यवस्था लागू की गई, जिससे यातायात सामान्य और नियंत्रित पाया गया। इन सकारात्मक परिणामों के आधार पर ही इस मॉडल को स्थायी रूप देने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, समोगरा की ओर से आने वाले भारी वाहनों का बथुआ तिराहा की दिशा में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन अब रामटेक चौराहा और बरकछा मार्ग से होकर गुजरेंगे, जिससे चौराहे पर यातायात का दबाव कम होगा। समोगरा से आने वाले छोटे वाहनों को लोहंदी महावीर मार्ग से सबरी की ओर डायवर्ट किया जाएगा। लोहंदी महावीर मार्ग से सबरी तक का पूरा मार्ग वन-वे रहेगा। इसके साथ ही, बथुआ से लोहंदी मार्ग को भी वन-वे घोषित किया गया है। प्रयागराज की ओर से आने वाले वाहनों को अब सीधे रीवां रोड पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को विकास भवन पथरहिया ओवरब्रिज तक डायवर्ट किया जाएगा, जहां से यू-टर्न लेकर बथुआ तिराहा होते हुए रीवां मार्ग पर भेजा जाएगा। यातायात पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से बथुआ तिराहा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जाम की समस्या में कमी आएगी। इससे स्कूल, अस्पताल और कार्यालय जाने वाले लोगों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। यातायात शाखा ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन व्यवस्था और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि शहर में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात बना रहे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।